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इतिहास

पश्चिम रेलवे को अपना वर्तमान स्वरूप 5 नवम्बर, 1951 को दिया गया जब पूर्ववर्ती तत्कालीन बम्बई, बडोदा और सेन्ट्रल इंडिया रेलवे को अन्य रियासती रेलों यथा सौराष्ट्र राजस्थान और जयपुर के साथ मिलाया गया। स्वयं बीबी एंड सीआई रेलवे वर्ष 1855 में उस समय आरम्भ हुई, जब पश्चिमी तट पर गुजरात राज्य में अंकलेश्वर से उत्राण तक 29 मील लम्बे बड़ी लाइन रेल पथ का निर्माण किया गया। वर्ष 1864 में इस रेल मार्ग को मुंबई तक विस्तारित किया गया।

तत्पश्चात इस परियोजना को बडौदा से आगे उत्तर-पूर्व दिशा में गोधरा, रतलाम, नागदा की ओर बढ़ाया गया। इसके पश्चात ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे (अब मध्य रेल) से जोड़ने के लिए इसे उत्तरी दिशा में मथुरा की ओर बढ़ाया गया, जो मुंबई में 1853 से पहले ही आरम्भ हो चुकी थी। आरम्भ में दिल्ली को आगरा, जयपुर और अजमेर से जोड़ने के लिए वर्ष 1883 में मीटर लाइन रेल प्रणाली की स्थापना की गई।

भारत सरकार ने 1 जनवरी, 1942 से बीबीएंड सी आई रेलवे का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया। वर्ष 1949 में गायकवाड बडौदा स्टेट रेलवे का विलय बीबीएंडसीआई रेलवे में कर दिया गया। पश्चिम रेलवे बनने के बाद कुछ और आधिकारिक परिवर्तन किये गये। वर्तमान में पश्चिम रेलवे की गेजवार कि.मी. लम्बाई इस प्रकार हैः-

बड़ी लाइन - 4147.37 किमी

मीटर लाइन - 1412.39 किमी

छोटी लाइन - 621.70 किमी

कुल - 6181.46 किमी



पश्चिम रेलवे पूरे गुजरात राज्य के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों को सेवित करती है। पश्चिम रेलवे के वर्तमान में छः मंडल हैं- मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद, रतलाम, राजकोट और भावनगर। दो तत्कालीन मंडलों अर्थात जयपुर और अजमेर को 1 अक्टूबर, 2002 को उत्तर पश्चिम रेलवे में मिला दिया गया और कोटा मंडल का 1 अप्रैल, 2003 को पश्चिम मध्य रेलवे में विलय कर दिया गया। 1 अप्रैल, 2003 को अहमदाबाद के रूप में एक नया मंडल बनाया गया। पश्चिम रेलवे द्वारा सेवित भारत के प्रमुख बंदरगाह हैं- कांडला, मुन्द्रा, पीपावाव, नवलखी, बेडी रोजी, ओखा और भावनगर।

मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क


मुंबई में पश्चिम रेलवे का उपनगरीय खंड, जिसके अंतर्गत 28 उपनगरीय स्टेशन आते हैं, मुंबई शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र चर्चगेट से विरार 60 कि.मी. तक फैला हुआ है। खंड को 10 और स्टेशनों तथा 60 कि.मी. और जोड़कर दहानू रोड तक विस्तारित किया गया है। इस खंड पर पहली विद्युत रेलगाड़ी कोलाबा और अंधेरी के बीच 1928 में शुरू की गई ।

प्रागैतिहासिक काल में मुंबई में स्टीम ट्रैक्शन से पहली उपनगरीय सेवा ग्रांट रोड और भसीन रोड के बीच प्रत्येक मार्ग से एक गाडी के साथ अप्रैल, 1967 में शुरू की गई। 1900 तक प्रत्येक मार्ग पर 44 गाड़ियाँ वर्ष में एक लाख से अधिक यात्रियों का वहन करती थीं ।


वर्तमान में भारतीय रेलों पर प्रतिदिन 14 मिलियन यात्री यात्रा करते हैं। इनमें से अकेले मुंबई उपनगरीय खंड पर प्रतिदिन 6 मिलियन से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। मुंबई में चलाई जा रही 2700 से अधिक सेवाओं में से 1250 सेवाएँ, जिनमें 1116 बारह डिब्बों की सेवाएँ और चौदह 15 डिब्बे की सेवा शामिल है, भीड़-भाड़ के दौरान 3 मिनट की असाधारण बारम्बारता से पश्चिम रेलवे द्वारा चलाई जाती हैं। पश्चिम रेलवे प्रतिदिन 3 मिलियन से अधिक यात्रियों का वहन करती है।

पश्चिम रेलवे विश्व की पहली रेलवे है, जिसने चर्चगेट से विरार के बीच एकमात्र महिला विशेष गाड़ी चलाई ।

पश्चिम रेलवे अपने उपनगरीय खंड पर विरार तक ‘गाड़ी प्रबंधन प्रणाली’ (टीएमएस) तकनीक को कार्यान्वित करने में अग्रणी रही है। गाड़ी प्रबंधन प्रणाली से दैनिक यात्रियों को गाड़ी संचलन के वास्तविक समय की जानकारी मिलती है। स्वचालित उद्घोषणाओं सहित स्टेशनों पर गाड़ी के आने के सम्भावित समय को मिनटों में वास्तविक रूप से कम होते हुए प्रदर्शित किया गया है।




Source : पश्चिम रेलवे CMS Team Last Reviewed on: 20-02-2013  


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